
शिक्षक की बेटी ने हैण्डराइटिंग मे जीता गोल्ड मेडल व कलरिंग मे सिल्वर मेडल

गडहनी। प्रखण्ड क्षेत्र के इचरी पंचायत अन्तर्गत हदियाबाद गांव स्थित उत्क्रमित मध्य माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक ओम प्रकाश राय की बेटी गोल्डी कुमारी वर्ग सात की छात्रा ने आरगेनाईजेशन फार नेशनल लेवल आर्ट कंप्टीशन (ओएफएनएलएसी) द्वारा आयोजित रंगोत्सव सेलेब्रेशन मे गोल्ड एवं सिल्वर मेडल जीत घर परिवार सहित भोजपुर का नाम रौशन कर दिया।श्रीराय ने बताया कि कक्षा 1-8 के छात्र छात्राओं के बीच विभिन्न आर्ट कंप्टीशन यथा कलरिंग, हैण्डराइटिंग, स्केचिंग, कोलाज, टैटू मेकिंग, मास्क मेकिंग, कार्टून मेकिंग आदि का आयोजन कराया गया जिसमे बहुत से छात्र छात्राओं ने भाग लिया। आयोजन मे सफल छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र के साथ गोल्ड, सिल्वर, ब्रांज, ट्राफी, खिलौने आदि प्रदान कर सम्मानित किये गए। श्रीराय ने आगे बताया की बेटी गोल्डी ने हैण्डराईटिंग मे गोल्ड मेडल एवं कलरिंग में सिल्वर मेडल जीता है।गोल्डी कुमारी के इस उपलब्धि पर विद्यालय परिवार सहित भोजपुर वासियों ने बधाई शुभकामनायें दी है।वहीं रंगोंत्सव सेलिब्रेशन के चेयरमैन और फाउंडर संग्राम जी दते ने सभी मेधावी छात्रों को और उनके पेरेंट्स को ढेरों सारी शुभकमनाये देते हुए कहा की इंटरनेशनल लेवल मे जाने हेतु फॉर्म फीलअप हो रहा हैं।सभी को इंटरनेशनल लेवल के प्रतियोगिता मे प्रतिभागिता करायें।उन्होंने सफलता एवं नाम रौशन हेतु अग्रिम बधाई दिया।इस खुशी के पल को अपनो के बीच शेयर करते हुए श्री राय ने कहा कि आत्मोपलब्धि, आत्मविकास तथा आत्माभिव्यक्ति ही कला की मूल हेतु हैं। तन्मयता तथा तदाकार परिणति की यह शक्ति ही कला को अन्य शास्त्रों तथा विद्याओं से पृथक् करती है और यही उसकी चरम सार्थकता हैं। रसवत्ता और सौन्दर्य सम्पन्नता कला के अनिवार्य तत्त्व हैं। पेंटिंग, मूर्तिकला, ड्राइंग और फ़ोटोग्राफ़ी जैसी गतिविधियाँ आरामदेह और फ़ायदेमंद शौक हैं जो आपके तनाव के स्तर को कम कर सकते हैं और आपको मानसिक रूप से स्पष्ट और शांत महसूस करा सकते हैं। कला बनाना एक विकर्षण प्रदान करता है, जो आपके मस्तिष्क को आपके सामान्य विचारों से विराम देता है।कला के सिद्धांतों की सात महत्वपूर्ण विशेषताएँ हैं: संतुलन, अनुपात, जोर, विविधता, गति, लय और सामंजस्य। शायद सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांतों में से एक सामंजस्य है।



